केंद्र के बजट घोषणा में साल भर दमघोटू प्रदूषण झेलती दिल्ली की जनसंख्या के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाई

नई दिल्ली, 1 फरवरी, 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 के पास होने के बाद दिल्ली वालों को निराशा हाथ लगी है। दिल्ली में भाजपा की सरकार होने पर दिल्ली वालों को महंगाई और बेरोजगारी से राहत मिलने की दिशा में निराशा हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा पारित बजट के बाद दिल्ली के लिए बजट आवंटन में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, मूलभूत सुविधाओं और दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ही आश्वस्त दिखाई नही दी, तो दिल्ली की जनता की उम्मीदें और जरूरतें आगामी वित्त वर्ष में कैसे पूरी होंगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता ने केन्द्र प्रशासित राज्यों को 1.4 करोड़ के बजट पर सिर्फ गोलमोल बाते करती दिखाई दी, क्योंकि उन्हें मालूम है कि दिल्ली को मोदी सरकार ने बजट में कुछ खास नही दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को विकसित राजधानी बनाने की दिशा में केन्द्रीय बजट में कोई पहल दिखाई नही देती।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि केन्द्रीय बजट में दिल्ली के लिए कुछ नया नही मिला है यमुना सफाई, सीवरेज, प्रदूषण नियंत्रण पर कोई ठोस योजना के लिए फंड आवंटित नही किया गया, सिर्फ खानापूर्ति करके पिछले बजट आवंटन पर यमुना सफाई और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को विकसित करने के लिए बजट आवंटित किया। उन्होंने कहा कि बजट घोषणा में साल भर प्रदूषण झेलती दिल्ली की जनसंख्या के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाई नही दी। क्या इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर, चार्जिंग स्टेशन और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट की घोषणा से राजधानी का दमघोटू प्रदूषण कम हो सकता है। प्रदूषण के लिए केंद्र और दिल्ली दोनो सरकारों को जमीनी हालात के मद्देनजर निर्णय लेने होंगे, क्योंकि प्रदूषण का मुख्य कारण सरकार और अधिकारियों को मालूम है, सिर्फ उन कारणों पर नियंत्रण करने के लिए काम सिर्फ दस्तावेजों में होता है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि मेट्रो के चौथे और पांचवें फेज की जो घोषणा और बजट की घोषणा पहले हो चुकी है, आर.के. आश्रम से इन्द्रप्रस्थ सेन्ट्रल विस्टा कारिडोर पर सिर्फ फंड बढ़ाकर वाहवाही लूटने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने दिल्ली में रोजगार सृजन, युवाओं को अवसर और महंगाई पर नियंत्रण, लोगों की अजीविका के साधन बढ़ाने पर ध्यान न देकर हवा हवाई घोषणा की है। साईकल ट्रैक, स्मार्ट शहर, पैदल यात्री के लिए पथ आदि से दिल्ली की 75 प्रतिशत गरीब और मध्यम वर्गीय जनता का क्या मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बजट में वर्तमान छोड़ भविष्य की बात की है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था में धराशाही दिल्ली को भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। पिछले 11 वर्षों में पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार ने जिस तरह से बदले की राजनीति करके दिल्ली को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में बर्बाद कर दिया है, उनको सुधारने में भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार भी कोई काम करती दिखाई नही देती और अब केन्द्रीय बजट में दिल्ली को कुछ खास न मिलने से दिल्ली वालों को सुविधाओं के अभाव में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को 12,503.65 करोड़ आवंटित किया गया है। इतने बड़े बजट के बाद क्या केन्द्रीय गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता राजधानी में बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने में कामयाब हो सकेंगे, या अपराधी खुले आम अपने मकसद को यू ही अंजाम देते रहेंगे।

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