मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि यह संग्रहालय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक आधुनिक विज्ञान शिक्षण एवं नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां बच्चे विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संग्रहालय जनपद के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्यमंत्री ने इसके बाद कंडोलिया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान पहुंचकर कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस अवसर पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है तथा अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार तथा होमस्टे योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सनातन संस्कृति, मूल स्वरूप और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून तथा सख्त भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल, पौड़ी-श्रीनगर मार्ग चौड़ीकरण, झील निर्माण, ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तथा खेल अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी और रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएंगी।
इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
