नई दिल्ली, 13 अक्टूबर: दशहरा और दीवाली की छुट्टियों के दौरान घरेलू पर्यटन के चरम समय (पीक सीज़न) को देखते हुए, केरल टूरिज्म ने आज यहाँ एक व्यावसायिक भागीदारों के बीच होने वाली बैठक (पार्टनरशिप मीट) में कई आकर्षक ऑफर और पैकेज पेश किए। इसके साथ ही, राज्य के हमेशा से लोकप्रिय गंतव्यों और अनुभवों को भी रेखांकित किया गया।
‘द ललित नई दिल्ली’ में आयोजित इस खास बी2बी और नेटवर्किंग इवेंट की थीम “अ वंडरफुल वर्ल्ड” (एक अद्भुत दुनिया) थी।
इस आयोजन में राज्य को एक ऐसे पर्यटन केंद्र के तौर पर दिखाया गया जहाँ का अनुभव जरूर लेना चाहिए। यहां पर्यटकों के लिए कई तरह के लुभावने ऑफर हैं – खूबसूरत जगहों पर ठहरने से लेकर अनोखे सांस्कृतिक अनुभवों में शामिल होने तक।
केरल पर्यटन के अतिरिक्त निदेशक (जर्नल) श्री सुमित कुमार ठाकुर, आईएएस ने केरल के अनोखे पर्यटन उत्पादों को उजागर करते हुए एक प्रस्तुति दी।
साफ़-सुथरे समुद्र तट , शानदार हिल स्टेशन और शांत बैकवाटर्स में हाउसबोट क्रूज जैसी मशहूर जगहों के अलाव कई नए और आकर्षक ऑफर भी पेश किए जा रहे हैं, जिससे राज्य में यात्रा करना एक यादगार अनुभव बन सकता है।
इन पैकेजों में केरल को एक ऐसे गंतव्य स्थल (डेस्टिनेशन) के तौर पर दिखाया गया है जहां पर्यटक एक हफ्ते की यात्रा के दौरान कई तरह के अनुभव ले सकते हैं और पूरे राज्य की सैर कर सकते हैं।
पर्यटन के नवीनतम आंकड़ों और चलन के मुताबिक, पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। 2026 की पहली तिमाही (Q1) में घरेलू पर्यटकों की संख्या में 2025 की पहली तिमाही (Q1) के मुकाबले 10.98 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
पार्टनरशिप की यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि राज्य सरकार जल्दी ही पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने के लिए अपनी नीति का खाका पेश करने वाली है। इससे राज्य, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र (हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री) के लिए निवेश की एक सुरक्षित, फायदेमंद और स्थायी जगह बन जाएगा।
केरल सरकार में पर्यटन, सिनेमा और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री श्री पी.सी. विष्णुनाथ ने एक संदेश में कहा, “इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की लंबे समय से यह मांग रही है कि इसे उद्योग का दर्जा दिया जाए। हमें उम्मीद है कि इस फैसले से काफी निवेश आएगा।”
इस महीने की शुरुआत में, राज्य के पर्यटन विभाग ने ‘ब्रांड वायनाड’ पहल आरंभ की थी। यह पहल उत्तरी केरल के वायनाड जिले की प्राकृतिक सुंदरता, विरासत और खेती-बाड़ी व सांस्कृतिक परंपराओं पर ध्यान केंद्रित करती है। यह जिला कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमाओं से सटा हुआ है।
यह कदम देश के अन्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन के साथ मिलकर काम करने की सरकार की नीति के अनुरूप है, जिससे सतत सहयोग का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। इस सोचे-समझे बदलाव के तहत, एक जैसी खूबियों वाले पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले संयुक्त पर्यटन सर्किट पर विचार किया जा रहा है। इनमें कर्नाटक के कुर्ग और मैसूर, तमिलनाडु का नीलगिरि जिला और यहां तक कि श्रीलंका जैसे देश भी शामिल हैं।
केरल के टूरिज्म मैप पर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थलों को जोड़ने वाले कई नए सर्किट भी चिह्नित किए गए हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक त्योहारों का कैलेंडर भी उपलब्ध है, जिससे आने वाले लोग अपनी पसंद के अनुसार जगह और समय चुन सकते हैं।
खास तौर पर प्रमोट किए जा रहे पैकेज में कोच्चि-मुज़िरिस हेरिटेज नेटवर्क शामिल है। यह नेटवर्क पश्चिमी एशिया और भूमध्यसागरीय इलाकों के साथ केरल के समुद्री और सांस्कृतिक संबंधों की दिलचस्प झलक पेश करता है, क्योंकि यह सदियों से फलते-फूलते मसाला व्यापार का केंद्र रहा है।
केरल के टूरिज़्म मैप पर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक जगहों को जोड़ने वाले कई नए सर्किट भी बनाए गए हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक त्योहारों का कैलेंडर भी उपलब्ध है, जिससे पर्यटक अपनी पसंद के हिसाब से जगह और समय चुन सकते हैं।
जिन पैकेजों का खासतौर पर प्रचार किया जा रहा है, उनमें कोच्चि-मुजिरिस हेरिटेज नेटवर्क शामिल है। यह नेटवर्क पश्चिमी एशिया और भूमध्यसागरीय इलाकों के साथ केरल के समुद्री और सांस्कृतिक संबंधों की दिलचस्प झलक दिखाता है, क्योंकि यह सदियों से फलते-फूलते मसाला व्यापार का केंद्र रहा है।
पूरे पर्यटन तंत्र को बाधा-मुक्त और सबके लिए सुलभ बनाने के लिए राज्य में पर्यटन सुविधाओं को भी उन्नत बनाया गया है। पर्यटन क्षेत्र को एआई (आर्टफिशल इन्टेलिजन्स) और आधुनिक डिजिटल उपकरणों से जोड़ने से जानकारी का आदान-प्रदान सटीक और आसान हो गया है, जिससे टूर पैकेज और प्रबंधन (लॉजिस्टिक्स) की प्रक्रिया भी परेशानी-मुक्त हो गई है।
जाने-माने ग्लोबल ट्रैवल गाइड ‘लोनली प्लैनेट’ ने अपनी ‘2026 के 25 बेहतरीन अनुभव’ वाली रिपोर्ट में केरल के खान-पान की संस्कृति को 2026 में आनंद लेने लायक शीर्ष 25 बेहतरीन यात्रा अनुभवों में शामिल किया है। इस प्रतिष्ठित सूची में केरल एकमात्र भारतीय राज्य है।
केरल सरकार के पर्यटन सचिव श्री बीजू के. ने कहा कि राज्य आने वाले त्योहारों के मौसम में पर्यटकों की बढ़ती संख्या का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके लिए नए प्रोडक्ट्स और पैकेज तैयार किए गए हैं, जो पर्यटकों को कई दिलचस्प जगहों और अनुभवों से रूबरू कराएंगे।
केरल पर्यटन की निदेशक श्रीमती अंजना एम. ने कहा, “पूरे देश में हमारे आउटरीच कैंपेन (पहुंच अभियान) को बहुत अधिक पसंद किया गया है और हमें भरोसा है कि आने वाले त्योहारों के दौरान भी इसका असर दिखेगा।”

