दिल्ली विश्वविद्यालय की तीन दिन की फाइन आर्ट्स प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई क्रिएटिविटी

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर दिल्ली विश्वविद्यालय कल्चर काउंसिल द्वारा मोतीलाल नेहरू कॉलेज (इवनिंग) के संयुक्त तत्वावधान में 6 से 8 अक्टूबर तक तीन दिवसीय इंटर-कॉलेज/डिपार्टमेंट फाइन आर्ट्स प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों और विभागों के विद्यार्थियों ने कलात्मक अभिव्यक्ति, क्रिएटिविटी और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के समापन समारोह और पुरस्कार वितरण अवसर पर डीयू कल्चर काउंसिल के चेयरपर्सन एवं पीआरओ अनूप लाठर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर डीयू कल्चर काउंसिल के डीन प्रो. रविंदर कुमार विशिष्ट अतिथि रहे। मोतीलाल नेहरू कॉलेज (इवनिंग) के प्रिंसिपल प्रो. संदीप गर्ग और फाइन आर्ट्स कैटेगरी के नोडल ऑफिसर देबाशीष पराशर भी मौजूद थे।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए श्री अनूप लाठर ने क्रिएटिविटी और आत्म-अभिव्यक्ति के स्रोत के तौर पर फाइन आर्ट्स के महत्व पर ज़ोर देते हुए सभी प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की। प्रो. रविंदर कुमार ने छात्रों को अपनी खासियत को पहचानने और क्रिएटिविटी से सार्थक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रिंसिपल ने इवेंट को सफल बनाने में फैकल्टी, आयोजकों और छात्र वॉलंटियर्स की सामूहिक कोशिशों की सराहना की। फाइन आर्ट्स कैटेगरी के लिए नोडल सेंटर बनाए गए मोतीलाल नेहरू कॉलेज (इवनिंग) ने छह प्रतियोगिताओं की मेजबानी की जिनमें ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग, कोलाज मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, रंगोली, पोस्टर मेकिंग और कार्टूनिंग शामिल थी। इस इवेंट के लिए छह कैटेगरी में 310 गूगल फॉर्म रजिस्ट्रेशन हुए।

प्रतियोगिताओं में कई तरह के विषय शामिल थे, जैसे ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन के साधन, सांस्कृतिक पर्यटन, माँ और बच्चा, भारतीय त्योहार, पर्यावरण संरक्षण और बचपन का कोई मजेदार पल। प्रतिभागियों ने कई तरह की क्रिएटिव रचनाओं के ज़रिए अपनी कलात्मक स्किल्स, कल्पना और अपने नज़रिए का प्रदर्शन किया। जजों के एक एक्सपर्ट पैनल ने एंट्रीज़ का मूल्यांकन किया, जबकि नियुक्त ऑब्जर्वर्स ने तीन दिनों तक पूरी प्रक्रिया पर नज़र रखी। सभी छह कैटेगरी के विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले विजेताओं को क्रमशः ₹5,000, ₹4,000 और ₹3,000 का पुरस्कार दिया गया।

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