भाजपा सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षों में दूषित यमुना को साफ करने के लिए कोई ठोस कार्यवाही नही

‍नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2026- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का ’’चलो यमुना’’ स्वच्छता अभियान कल, रविवार को केवल एक नौटंकी और प्रचार स्टंट है क्योंकि भाजपा सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षों में दूषित यमुना को साफ करने के लिए कोई ठोस कार्यवाही नही‍, और नदी का पानी इतना खराब हो गया है कि 14 अक्टूबर, 2026 से उत्तरी दिल्ली में बुराड़ी के पास यमुना नदी के किनारे हजारों मृत मछलियां बहकर आ गई, जो यमुना में प्रदूषण के खतरनाक स्तर और पानी मंे घुलित ऑक्सीजन के स्तर में तेज गिरावट को दर्शाता है।

श्री देवेंद्र यादव ने रेखा गुप्ता सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें नजफगढ़ क्षेत्र में 12 नए विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) का निर्माण, केशोपुर एसटीपी का उन्नयन, ट्रंक सीवरों का पुनर्वास और वर्षा जल संचयन प्रणालियों का विस्तार शामिल है, जिसपर सरकार ने अभी तक कुछ नही किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क में वृद्धि और नदी पुनरुद्धार के प्रयासों में तेजी लाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, लेकिन ये वादे केवल कागजों में ही सीमित है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रवेश वर्मा जमीनी स्तर पर कुछ करने की बजाय बार-बार यमुना सफाई और एसटीपी पर एक ही परियोजना की घोषणा पिछले 2 वर्षों से बार बार करके जनता को गुमराह कर रहे है।

श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि स्वच्छता अभियान को यमुना के 28 घाटों (गीता कॉलोनी और चिल्ला गांव में दशमेश घाट सहित)  पर चलाने से यमुना के विषैले स्वरुप या जहरीला पानी की अशुद्धता में कोई फर्क पड़ने वाला नही है क्योंकि मौजूद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह काम नही कर रहे है, जिसका बार-बार सरकार घोषणा कर रही है। 22 प्रमुख नालो का अनुपचारित सीवेज सीधा यमुना में छोड़ा जा रहे हैं जिससे जल प्रदूषण गंभीर रुप ले रहा है। उन्होंने कहा कि अत्यंत दुर्भाग्य की बात है कि दो वर्षों में भाजपा सरकार ने दिल्ली की कालोनियों से निकलने वाली नालियों से निकलने वाले सीवेज ट्रीट करने के लिए एसटीपी बनाने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। बड़े पैमाने पर अकेले नजफगढ़ नाले में 126 छोटी सहायक नालियों का दूषित जल गिरता है, जो यमुना नदी में डाला जाता है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष 14 जून को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ यमुना नदी सफाई के लिए एक संकल्प स्वच्छ यमुना अभियान में 28 घाटों और नदी तट स्थलों पर एक साथ सफाई अभियान का आयोजन किया था। रेखा गुप्ता ने गीता कॉलोनी घाट पर अभियान में भाग लिया, जहां वह नदी के किनारे से कचरा हटाने में स्वयंसेवकों और निवासियों के साथ शामिल हुए। भाजपा प्रदूषित नदी को साफ करने का वास्तविक काम करने की जगह सिर्फ प्रचार करके औपचारिकताओं को पूरा कर रही है। यमुना किनारे बड़ी मात्रा में मृत मछलियां पाए जाना साबित करता है कि भाजपा मुख्यमंत्री यमुना स्वच्छता अभियान सिर्फ जारी फंड के लिए दस्तावेज तैयार करने का काम करती है।

श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि यमुना सफाई आवंटन (2026-27 हरित बजट) के तहत रेखा गुप्ता सरकार ने अपने 22,236 करोड़ रुपये के हरित बजट का सबसे बड़ा हिस्सा-6,485 करोड़ रुपये-दिल्ली जल बोर्ड के लिए नए एसटीपी बनाने, मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड करने, प्रमुख नालों को रोकने और नदी के किनारे के हिस्सों में सुधार के लिए अलग रखा, लेकिन दुख की बात है कि ये योजनाएं अभी तक फलीभूत नहीं हुई हैं। यमुना सफाई पर सरकार की असंवेदनशीलता और निष्क्रियता के कारण दूषित जल घरों तक पहुॅचने के कारण लोगों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है। भाजपा सरकार शहर को प्रभावी ढंग से संचालित करने और नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए अनुभवहीनता का सामना करना पड़ रहा है यही कारण है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता किसी भी योजना को सही रुप से क्रियान्वित नही कर पा रही है।

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